एक पत्र जो मैंने अपनी सहेली यास्मीन को लिखा (कई बारें पहले मैंने यास्मीन के बारे में लिखा):
प्यारी यास्मीन,
तुमने मुझसे पूछा कि मैं हिंदी में लिखूँ, तो लिखती हूँ | मुझे आशा है कि तुम समझोगी! मगर तुम्हारे लिये समझना ज़्यादा मुश्किल है, तो मैं अँग्रेज़ी में लिखूँगी - लेकिन मुझे विश्वास है कि जो मैं कहने की कोशिश करती हूँ, तुम वह मालूम करोगी | मैं शब्दकोश के बिना सारा यह पत्र लिखना चाहती हूँ - मेरे पास एक अच्छा शब्दकोश, लेकिन तलाश करके जाना मैं तो ज़्यादा कामचोर हूँ | इसलिये मैं आसान ही शब्दों का इस्तेमाल करूँगी |
नरसों तुमसे बात करना बहुत बहुत शान्दार था! मैं तो अभी मुसकुरा रही हूँ - ज़रा तुमसे बात करने के बारे मैं सोचती हूँ तो मैं मुसकुराती हूँ | अच्छा लगता है कि तुम Yale में इतनी ख़ुश हो, और तुम्हारी पढ़ाई इतनी अच्छी भी है |
अपने बारे में क्या बताऊँ? आज Rosh Hashana है - येहूदी का नया साल - तो शाम और सुबह हम (डेविड और मैं और लौरन भी) services गये हैं | हम हमेशा हारवार्ड के services जाते हैं, लेकिन ये तो पसंद नहीं | वजह है कि - कैसे कहूँ? - rabbi बेवक़ूफ़ है | शयाद कहूँ कि उसको अपना अवाज़ सुनना बहुत बहुत पसंद है | या गाना या बताना, वह चलता है, चलता है, चलता है, जब तक लगता है कि तुमको उसकी गली पकड़ना चाहिए, या एक लाठी से उसको मारना | तो Yom Kippur के लिये हम तो कुछ और services तलाश करेंगे | लेकिन हमको तो हर एक साल यह इरादा है |
अब डेविड के माँ-बाप यहाँ (Boston में) हैं - और तुमको मालुम है कि मुझे डेविड की माता कितनी पसंद हैं | इसलिये मैं उनको अच्छी बनने की कोशिश करती हूँ... और मैं अच्छी बनने में बिलकुल थक गयी हूँ | नहीं, असल में इतना बुरा नहीं है | वे ख़राब नहीं हैं - ज़रा वे तो मुझसे तंग करती हैं |
अच्छा, अब तो बस इतना है | मुझे आशा है कि यह पत्र तुमको बिलकुल पसंद है - और तुम्हारी समझ के अंदर भी है | अच्छी रखो! और, वापस लिखो | मुझे तुमसे प्यार है, तुम्हारी याद आती है.
तुम्हारी (जैसे हमेशा),
कार्ला
Comments